Monday, 24 April 2017

बाढ़

September 13, 2014 ·

नदियों को देख लो बेवजह,
बहक जाती हैं किनारों से।
निगल जाती है बेवजह,
असंख्‍य अरमानों को।
अंधेरे भविष्‍य में असमय,
फेंक देती है अनाथों को।
लाैट आती हैं देख लो फ‍िर,
अपने जुदा हुए किनारों पर।

--राहुल

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