जय जवान और जय किसान
राजनीति के प्रमुख हथियार
कोई अच्छे दिन का पासा फेंक
ठोंककर सीना चलता चाल
पुनर्जीवन को हैं भईया बेताब
किसान इनकी अढ़हिया चाल
छह शहतीरो की नाव बनाकर
छकड़ी ने तुम्हे बनाया पतवार
बाकी सब भी हैं धुरंधर खिलाड़ी
दांव चलेंगे तुम पर ही मेरे भाई
ममता की तो उम्मीद न रखना
रोटी तो पक्का सेकेगी अम्मा
चलाएगा तुम्हारे कंधे से गोली
"लाल" का अब नया सेनापति
"नये" ने मौका देख बनाया मोहरा
पांव फैलाते ही खा गया गच्चा
किसान इनकी अढ़हिया चाल
छह शहतीरो की नाव बनाकर
छकड़ी ने तुम्हे बनाया पतवार
बाकी सब भी हैं धुरंधर खिलाड़ी
दांव चलेंगे तुम पर ही मेरे भाई
ममता की तो उम्मीद न रखना
रोटी तो पक्का सेकेगी अम्मा
चलाएगा तुम्हारे कंधे से गोली
"लाल" का अब नया सेनापति
"नये" ने मौका देख बनाया मोहरा
पांव फैलाते ही खा गया गच्चा
-----राहुल श्रीवास्तव
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