नव वर्ष के मंगल पथ पर
आगे बढते जायेंगे हम।
फ़िक्र नहीं तुफानों की
रच ले सजिश बारिश भी
जीवन के मंगल पथ पर
आगे बढते जाएंगे हम।।
लांघकर उँचे पहाडों के शिखर
नित नये उजाले पाएंगे
हर दिन नये आयाम लिखेंगे
नव वर्ष के मंगल पथ पर
आगे बढते जाएंगे ।
आगे बढते जायेंगे हम।
फ़िक्र नहीं तुफानों की
रच ले सजिश बारिश भी
जीवन के मंगल पथ पर
आगे बढते जाएंगे हम।।
लांघकर उँचे पहाडों के शिखर
नित नये उजाले पाएंगे
हर दिन नये आयाम लिखेंगे
नव वर्ष के मंगल पथ पर
आगे बढते जाएंगे ।
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